जय जवान, जय किसान , जय विज्ञान

| स्वयं बनाये रसायन मुक्त खेती में प्रयुक्त होने वाली दवा, खाद एवं अन्य सामग्री |

रसायन मुक्त कृषि में बीज उपचार की लगभग 8-10 स्वदेशी तकनीक है, इस लेख में उनके अलावा फसल विशेष बीज-उपचार विधि के बारे में चर्चा करेगे | ध्यान रहे की इसके अलावा लगभग सभी देशी बीज-उपचार की विधि का भी इस्तमाल किया जा सकता है |

 

देशी गाय के दूध के साथ बैगन का बीज-उपचार

भिन्डी के बीजों को 10-15% गाय के ताजे दूध के घोल में 2-3 घंटे भीगकर बीज-उपचार करें | 10% (100 मिलीलीटर दूध 900 मिलीलीटर पानी के साथ, 15%- 150 मिलीलीटर दूध 850 मिलीलीटर पानी के साथ)

फायदे: वायरस जनित बिमारियों में कमी, अंकुरण क्षमता में बढ़ोतरी |

 

गौमूत्र (देशी गाय) से बैगन बीज-उपचार

बैगन के बीजों के 15% गौमूत्र के घोल में 30-45 मिनट भिगारक बीजों का बीज-उपचार करें| सामान्यतः गौमूत्र से बीज उपचार करते समय कम मात्रा में बीजों को उपचारित करके जांच लें | यदि गौमूत्र घोल ज्यादा तेज (गौमूत्र का ज्यादा %) होगा तो बीजों की अंकुरण क्षमता में कमी हो सकती है, इसलिए शुरुवात में या तो कम प्रतिशत घोल का इस्तमाल करें या तो कम बीजों के उपचारित करने के बाद जाँच लें

फायदे: अंकुरण क्षमता में इजाफा, डाई-बेक / गलन एवं अन्य मृदा जनित बिमारियों से छुटकारा

 

बायोगैस स्लरी से बैगन बीज-उपचार

बैगन के बीजों को 7-8 घंटे तक बायोगैस स्लरी में डुबाकर लगाने/बोने से सभी नुकसानदायक सूक्ष्मजीवों के नुकसान से बचा जा सकता है | जड़ों को बढ़ोतरी भी तीव्र गति से होती है