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Trishul: Integrated Pest & Disease Management

 128.00  90.00 INR

996 in stock

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Best Recommended for Integrated Pest Management in Garden & Farms

  • Best Preventive measure against all sucking pests, Fungus, Bacterial & Viral Diseases

  • Up to 75 % protection against standard issues on using as per prescribed directions

  • Protects against Environmental, Pest & Disease related Stress

  • No Harmful effect on Human Health or Environment

  • Enhances Natural Immune system of plants against pests & Diseases

  • Effective in Chili, Tomato, Ladyfinger, Brinjal. Cabbage, Cauliflower, Bottle Gourd, Bitter Gourd, Leafy Vegetables, Wheat, Rice, Pulses etc.

 

996 in stock

Product Description

Effective Control of :-

Pests:- Leaf Roller, Aphids, Thrips, Caterpillar, Scab Moth, Spider Mite, Weevil Borer, Spotting Bug, Black Scale, Mealybug, Budworm, Grasshopper, Leaf Beetle, Wax Scale, Whitefly  and many more….

Diseases, Bacteria & Fungal Related Problem: Anthracnose, Root Rot, Bacterial Blight, bacterial Canker in vegetables, Soft Rot, Wilt, Mould, Leaf Spot,  Downy Mildew, Fusarium Rot & Wilt, Powdery Mildew, Leaf Curl and many more….

Composition : : Organic Matter containing Proprietary Blend of Azadirachta indica (Neem) & Curcuma longa  (90-95%), Exciepients Q.S.

Directions for Use :

  • Mix the contains of pouch in one liter of water by stirring and Strain using fine strainer before adding to spray tank.
  • The undissolved part(5%) can be dried and mixed with fertilizer or can be boiled and used for spraying again

Recommended Doses:-

Plant Nursery/ Seed bed/ Garden

For area of 2 meter square, use 50 gram mixed in 15 liter of water. Irrigate the land before sowing of seeds.

For Vegetables etc.:-

Preventive Application : 50 gram (15 liters water) 20 days after sowing, repeat every 2-3 weeks

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सभी प्रकार के कीट एवं फफूंद,बैक्टीरिया जनित बिमारियों पर रोकधाम एवं बचाव 

बहुपयोगी जैविक कीटनाशक एवं फफूंद नाशक 

  • जैविक कीटनाशक तत्व के कारण सभी कीट, रोग एवं  बिमारियों पर प्रभावकारी
  • फफूंद, गलन, सड़न वाली सभी बिमारियों से लड़ने की क्षमता का विकास
  • निर्देशित विधि से उपयोग में लेन से 75% तक कीटों एवं बिमारियों के होने/लगने से पहेले ही बचाव
  • एकीकृत कीट प्रबंधन एवं नियंत्रण हेतु सर्वोत्तम
  • पौधों की प्राकर्तिक रोग प्रतिरोधक क्षमता में तीव्र विकास 
  • प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में तीव्रता
  • पोषक तत्वों की संग्रहण क्षमता में इज़ाफा
  • पर्यावरण एवं मानव सेहत को कोई नुकसान नहीं
  • 200 से ज्यादा कीट, हानिकारक बैक्टीरिया, फफूंद एवं अन्य बिमारियों से बचाव
  • सभी फसलों जैसे कि मिर्च, टमाटर, भिन्डी, बैगन, गोभी, करेला, भाजियाँ, लौकी, बरबट्टी, धान, गेंहू, मक्का आदि के कीट एवं बिमारियों में प्रभावकारी

 

उपयोग हेतु दिशा निर्देश:-

त्रिशूल को पहले थोड़े पानी में डिब्बे/बाल्टी आदि में घोलने के बाद छानकर ही छिडकाव यन्त्र में डालें. बचे हुए जैविक तत्व के इस्तमाल का तरीका : (1) सुखाकर खाद में बुरकाव करके 2 दिन ढककर छोड़ दें | (2) उबालकर इसका छिडकाव भी किया जा सकता

पौध नर्सरी/थरहा के लिए भूमि उपचार:

  • (2m * 2m) 50 ग्राम 15 लीटर पानी में मिलकर सिंचाई करके बुवाई करें
  • सब्जियों एवं अनाज में:
    • रोकथाम हेतु : 50 ग्राम (15 लीटर पानी) बुवाई के 20 दिन बाद से हर 2-3 सप्ताह मे
    • सामान्य कीट एवं बिमारियों के लिए : 50 ग्राम (15 लीटर पानी) मे 10 दिन के अंतराल मे 2 बार
    • जटिल कीट  एवं बिमारियों के प्रकोप पर :एक पैकेट (15 लीटर पानी), 7 दिन के अंतराल में 2 बार

Additional Information

Weight 0.100 kg
Dimensions 15 x 10 x 5 cm
color

Green

1 review for Trishul: Integrated Pest & Disease Management

  1. Rated 5 out of 5

    Amazing Product. Solved my issue of decaying Tomato in just two spray. A must try

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